भाई ने दिया प्यारा बर्थडे गिफ्ट- 2

मेरी कहानी के पहले भाग
मैं पहली बार कैसे चुदी: मेरी स्टोरी
में आपने पढ़ा कि मैं और मेरे बड़े भाई एक कमरे में पीजी पर रहते थे पढ़ाई के लिए.
भाई मोबाइल पर पोर्न देखते थे तो मैं अन्तर्वासना की सेक्स कहानियाँ पढ़ती थी.

मेरे भाई की नजर जैसे मेरी जवानी पर थी. मैं भी सेक्स चाह रही थी.
मेरा उन्नीसवां जन्म दिन आया तो भाई मेरे लिए एक सेक्सी स्कर्ट टॉप उपहार लाये. वो पहन कर मैंने भाई को दिखाया तो वो खुद पर काबू ना रख पाए और मेरे अधनंगे जिस्म को सहलाने लगे.
मुझे भी मजा आने लगा.
हम दोनों सेक्स करने लगे.

अब आगे भाई ने सेक्सी बहन की गांड मारी:

फिर मुझे अपने ऊपर बिठाते हुए कहा- आहिस्ता से लंड को चूत में लेते हुए बैठो!

जैसे ही मैं बैठी लंड पर … फच से पूरा लंड मेरे चूत में घुस गया।
एक मीठा सा दर्द हुआ और मेरी आँखें बड़ी हो गयीं.

उसी समय भाई ने दोनों हाथों से मेरे चूचो को पकड़ा और जोर से मसलने लगे।
मैं हल्के से आह आह्ह करती हुई कहने लगी- भाई धीरे!

पर भाई कहाँ सुनने वाले थे … मेरा दाहिना निप्पल मुँह में भर कर भाई चूसने लगे और धीरे धीर काटने लगे निप्पल पर!

मेरे भीतर ऐसा लगा जैसे कुछ उमड़ रहा हो, मैंने भाई को कस के पकड़ लिया।
भाई ने मुझे दोनों हाथों से पकड़ा, मेरे चूचो को चूसते हुए उन्होंने अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी।

मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा सारा जिस्म उमड़ कर चूत के रस्ते निकल जायेगा.
और मैं निढाल सी भाई पर गिर गयी।

भाई ने मुझे नीचे उतारा और खुद उठ गए।

फिर मेरे सर के पास आकर अपना लंड मेरे हाथो में दे दिया और कहा- किस करो इसे!
मैंने भाई के लंड को पकड़ा और उसे किस किया, फिर हल्का सा चाटा.

मुझे अच्छा लग रहा था मैंने थोड़ी देर चाटा.
तो भाई ने कहा- मुँह खोल कर चूसो गुलाबी से टोपे को!

मैं भाई के टोपे को चूसने और चाटने लगी।
जैसे ही मैंने टोपा पूरा मुँह में लिए भाई ने मेरा सर पकड़ कर कस के धक्का लगाया।
उनका लंड पूरा मेरे मुँह में घुस गया था।

मुझे अच्छा लग रहा था कि मैंने पहली बार में ही चूत और लंड दोनों का स्वाद ले लिया।

फिर भाई ने झटके से लंड निकाल लिया और हाथों में लेकर हिलाने लगे.
थोड़ी ही देर में भाई ने सारा का सारा वीर्य मेरे चूचों पर गिरा दिया.

जब वीर्य गिरा तो लगा जैसे गुनगुना सा कोई तरल पदार्थ मेरे चूचों पर गिर गया हो।

भाई बगल में बैठ गए, उन्होंने मेरे माथे पर किस किया और मुझसे पूछा- कैसा लगा?
मुझे थोड़ी शर्म आ रही थी पर मैंने हल्का सा मुस्कुराते हुए कहा- अच्छा लगा भाई।

भाई ने तौलिया उठाया, मेरे चूचों पर से वीर्य साफ़ किया।

मेरे चूचों को भाई ने अपने दोनों हाथों से फिर से दबाना शुरू कर दिया और मेरी आँखें फिर से बंद होने लगीं।

मैंने भाई को किस करना शुरू कर दिया।
किस करते करते मेरा हाथ भाई के लंड पर गया तो भाई ने किस रोककर कहा- आज पहली बार था तो आराम कर लो थोड़ा! अब तो हम दोनों यहीं हैं न, अब हम एक दूसरे का ख्याल रखते रहेंगे।
फिर हम दोनों लेट गए वैसे ही!
आज वो मेरे ही साथ मेरे ही बिस्तर पर सो गए।

रात में भाई मुझे पकड़ कर सोये थे.

करीब दो बजे भाई ने मेरे चूचों को दबाना शुरू कर दिया। भाई सोया था और नींद में ही कर रहा था।
पर मैं जग गयी। मैंने भाई के लंड को पकड़ लिया।
ऐसे बड़ा सा और एकदम सख्त और गर्म दिखने वाला लंड अभी बहुत ही मुलायम और प्यारा दिख रहा था।

मैंने पहले उसे किस किया, फिर गुलाबी हिस्से को आहिस्ते से चाटना शुरू किया, फिर जब लंड बड़ा होकर तन गया तो मैं भाई का लंड पकड़ कर चूसने लगी.

भाई जग गए और बोले- वाह इतनी जल्दी रिचार्ज हो गयी तू?
मैंने कहा- अरे आपका चार्जर है तो फिर क्या टेंशन!

भाई ने मुझे घोड़ी बनने को कहा और पीछे से मेरी गांड पकड़ कर चूत चाटने लगे।
थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी एक उंगली थूक से गीली करके मेरी गांड में डाल दी.

अब मुझे डर लगने लगा था, मैंने भाई से कहा- भाई ये तो बहुत दुखेगा … मैंने पढ़ा है।
तो भाई ने कहा- तू बहुत जल्दी चार्ज हो जा रही है, आज ही ये गिफ्ट भी ले ले तू!

मैंने बहुत मन किया, कहा- भाई मैं फिर क्लासेज भी न जा पाऊँगी।
तो भाई ने कहा- अभी नहीं कर रहा … बाद में ही करेंगे।

फिर भाई ने मेरे चूत में लंड डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगे, पीछे से चोदते हुए मेरे चूचे दबाने लगे और मेरे गर्दन पर, पीठ पर किस करने लगे।

दस मिनट चोदने के बाद भाई ने मेरे अंदर ही अपना वीर्य गिरा दिया।

जब उनका वीर्य गिरा तो लगा जैसे गर्म गर्म फव्वारा छूटा हो मेरे चूत में!
मुझे मजा ही आ गया।

इतनी शानदार चुदाई के बाद मई एकदम थक गयी थी, मैं भाई से लिपट कर सो गयी जैसे हम बचपन में सोते थे … बस इस बार हमने खूब चुदाई की थी और हम नंगे सो रहे थे।

सुबह उठी तो भाई नाश्ता लेकर और एक दवा लेकर आये थे, मैंने दोनों खा लिए।
दवा इसलिए क्योंकि भाई ने मेरे चूत में ही अपना वीर्य गिरा दिया था तो प्रेगनेंसी की संभावना ना हो।

नाश्ता करने के बाद मैं नहाकर आयी तो भाई फिर से मुझे किस करने लगे।
मेरी टॉप उतार कर मेरे चूचों से भी देर तक खेला, फिर हम दोनों के क्लासेज का टाइम हो गया तो हम तैयार होने लगे।

हम जब निकलने लगे तो भाई ने कहा- कल कॉलेज न जाना और शाम में तैयार रहना!
इतना कह कर भाई ने मुझे अपनी ओर खींचा और होठों पर किस करते हुए मेरी गांड दबा दी।
फिर कहा- चलो कॉलेज छोड़ दूँ तुम्हें!

मेरा पूरा दिन बस शाम के इंतजार में निकल गया।
मुझे बेसब्री थी कि कब शाम हो और कब मुझे भाई का लंड चूसने का मौका मिले फिर से … और कब भाई मेरी चूत को चाटें और चोदें।

जैसे तैसे दिन निकला और मैं शाम में भाई का इन्तजार कर रही थी।
मैंने एक टाइट टॉप पहनी थी और एक शॉर्ट्स … मैंने ब्रा नहीं पहनी थी तो मेरे उत्तेजित निप्पल टॉप के ऊपर से ही दिख रहे थे।

शाम में सात बजे के करीब भाई आये और डिनर भी लाये थे.

आते ही भाई ने कहा- आज डिनर लेट करेंगे हम!
फिर भाई ने गेट लॉक किया और शर्ट उतार दिया अपना और टी शर्ट पहन लिया।

फिर पैन्ट और चड्डी भी उतार दी.
भाई का लंड आधा तना और आधा सोया था।

मेरी चूत में कुछ कुछ होने लगा।

भाई शॉर्ट्स पहन रहे थे तो मैंने पूछा- आज पूरे मूड में हो भाई?
तो भाई ने पूछा- जैसे तू नहीं है?

मैंने कहा- तो कपड़े उतार ही दो ना!

भाई कोई दवा खा रहे थे, खाने के बाद भाई ने कहा- कुछ तू भी कर ले ना!
मैंने पूछा- तबीयत ख़राब है क्या … जो दवा ले रहे?
तो भाई ने कहा- देखती जा, सब मालूम चल जायेगा।

भाई आकर मेरे बगल में गए, एक हाथ मेरे कानों के पीछे से ले जाकर मेरे बालों में अपनी उँगलियाँ फसा कर मेरे सर को पकड़ लिया।
और दूसरा हाथ मेरी टीशर्ट के अंदर डालकर मेरे पेट पर उँगलियाँ फिराते हुए मेरे पीठ पर से ले जाकर मेरी कमर को कस के पकड़ लिया.

मैं कुछ कहती … उससे पहले ही मुझे अपने पास खींच कर होठों को बेतहाशा चूमने लगे।

हैरान सी मैं बस भाई का साथ देने लगी।

एक लम्बे लिप किस के बाद भाई मुझे चूमने लगे, मेरे होठों को चूमा, मेरे गालों को चूमा, मेरे बाल पीछे खींच कर मेरे गले पर चुम्बन करने लगे।

जैसे ही भाई ने गले पर चूमना शुरू किया, जैसे मेरा शरीर शिथिल पड़ने लगा।

मेरी कमर छोड़कर भाई का एक हाथ मेरे टीशर्ट के अंदर से ही मेरे चूचे को सहलाने लगा।

अभी से ही मेरी चूत गीली होने लगी थी।
मैंने भाई के किस से खुद को अलग करके भाई का टीशर्ट उतार दिया। मैंने भाई को देखकर कहा- अब मेरी बारी!

भाई घुटनों के बल बैठे थे, उनके नाभि के नीचे से किस करती हुई मैंने उनके शॉर्ट्स को नीचे खींच दिया।

जैसे ही भाई का शॉर्ट्स नीचे हुआ, भाई का पूरा तना हुआ लंड एकदम से सामने आ गया।
लंड कल से ज्यादा गर्म और बड़ा लग रहा था।

मैं समझ गयी कि भाई ने सेक्स की गोली ली है।
मन ही मन मैं बहुत खुश हुई कि आज जी भर कर चुदुँगी!
पर जो होने वाला था आप आगे पढ़ ही लेंगे।

मैं भाई का लंड हाथ में लेकर सहलाने लगी और फिर गुलाबी सुपारे को चाटने लगी।

दो मिनट ही हुए होंगे कि भाई ने मेरा सर पकड़ा और लंड मुँह में डाल दिया।
फिर भाई तीन चार मिनट तक मेरे मुँह में पेलते रहे.

जब मुझे होठों पर जलन महसूस होने लगी, मैंने भाई को इशारा किया.
भाई ने लंड बाहर निकाला, मुझे खड़ा किया और मेरे शार्ट को खोल दिया और मेरी जांघों को चूमने लगे।

मैंने भी अपना टी शर्ट उतार दिया।

भाई शॉर्ट्स को नीचे सरकाते जा रहे थे और मेरे नंगी जांघों को चूमते जा रहे थे।

जैसे ही मैं पूरी नंगी हुई भाई ने मुझे लिटा दिया और मेरे चूत के आस पास चूमने लगे.

मैंने दोनों पैरों से उनके पीठ को पकड़ लिया और उनका सर अपने चूत पर दबाने लगी।
भाई उठे और बोले- चल घूम जा!

और मैं कुछ बोलती … उससे पहले ही भाई ने मुझे घुमा दिया और मेरे पीठ और किस करने लगे।

भाई एक मिनट के लिए रुके और अपनी एक उंगली को मुँह में डाल कर मेरे चूत में दे दी और मेरे चूचे पीछे से ही दबाने लगे।
मेरे टांगों के बीच में आकर भाई ने एक ही झटके में अपना लंड मेरे चूत में उतार दिया।

मैं चीख पड़ी- आह्ह, भाई धीरे!
पर भाई रुकने वाले कहाँ … भाई लगातार पेले जा रहे थे मुझे!
और बीच बीच में मेरे पीठ पर किस भी करते रहते थे।

दो मिनट ही हुए होंगे कि मुझे मजा आने लगा।

इतने से भाई कहाँ मानते, उन्होंने अपनी एक उंगली मेरे गांड में डाल दी, उसे अंदर बाहर करने लगे.
फिर गांड पर थूक कर दूसरी उंगली भी डाल दी।

मैं पूछने ही वाली थी कि आज बहन की गांड भी मारोगे क्या भाई?
तब तक भाई ने अपना लंड चूत से निकाला और फिर से एक झटके में चूत में उतार दिया।

मेरी साँस ही जैसे रुक गयी पर इस बार दर्द कम हुआ और मजा बहुत आया।

अभी मैं भाई की चुदाई को एन्जॉय कर ही रही थी कि भाई ने लंड फिर से पूरा निकाल लिया और चूत पर रगड़ने लगे।
मेरे अंदर फिर से कुछ उमड़ने लगा।

मैं भाई के लंड का इंतजार अपने चूत में कर रही थी लेकिन तब तक भाई ने अपना लंड मेरी गांड में घुसा दिया।
और मैं छटपटाने लगी।

भाई मेरे ऊपर लेट गए वैसे ही … और मेरे गले पर पीछे से किस करने लगे, एक हाथ से मेरे चूचों को दबाने लगे।

जैसे ही मेरा छटपटाना कम हुआ और मैं फिर से शांत हुई … भाई ने पूरा लंड डाल दिया मेरी गांड में!
भाई अब बिना रुके धक्के मारने लगे.

थोड़ी देर में जब दर्द कम हुआ और मैं सिसकारियां भर भर के गांड हिला कर उनके धक्कों का साथ दे रही थी.

भाई के धक्के धीरे पड़ने लगे कुछ देर बाद … भाई लेट गए और मुझे उनके ऊपर आकर उनके लंड पर बैठने को कहा।

मैं आकर उनके ऊपर बैठी और उनके लंड को चूत के मुंह पर रख कर आहिस्ता से नीचे ऊपर करने लगी।

भाई मेरी दोनों चूचियों को बेदर्दी से मसलने लगे.
मुझे हल्का दर्द हो रहा था पर मजा भी आ रहा था।

मैंने भाई से कहा- मेरा होने वाला है.
तो भाई ने मुझे कस कर पकड़ लिया और मुझे होठों पर किस करते हुए तेजी से धक्के मारने लगे.
मैं भी ऊपर नीचे करके उनका साथ देने लगी।

थोड़ी ही देर में मुझे ऐसा लगा जैसे सारा शरीर अकड़ गया हो और मैं भाई को कस के पकड़ कर उसी पोजीशन में निढाल हो गयी।

पर अभी भाई का नहीं हुआ था।
भाई और तेजी से धक्के मारने लगे।

दो तीन मिनट चोदने के बाद भाई ने मुझे लिटाया और मेरे ऊपर आकर मुझे पेलने लगे।

तुरंत ही मुझे लगा जैसे मेरी चूत में ढेर सारा गर्म गर्म तरल गिरा हो।
मैं समझ गयी कि भाई का भी हो गया।

इस तरह से मेरे बड़े भाई ने अपनी सेक्सी बहन की गांड मारी.

मैं उठी और चलकर टॉवल लेने गयी तो मेरी गांड दुःख रही थी।

मैंने हम दोनों को साफ़ किया और हम वैसे ही लिपट कर सो गये।

तीन घंटे बाद मुझे भूख लगी तो मैं उठी और भाई को भी उठाया, फिर हमने खाना खाया।

भाई ने कहा- रूचि, अबसे ब्रा पैंटी रूम में मत पहनना। और कहीं आना जाना ना हो तो ऐसे ही शॉर्ट्स में या शार्ट स्कर्ट में रहना।
मैंने मुस्कुरा कर उन्हें किस किया और कहा- ठीक है।

भाई 1 साल तक रहे वहां पर … उस एक साल में हम भाई बहन ने लगभग हर दिन चुदाई की।

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